अभिषेक मालवीय रायसेन एडिटर इन चीफ
मास्क नहीं लगाने पर अनोखी सजा 1 साल तक पालने होगे 5 पेड़
कोरोना की चेन तोड़ने के लिये सरकार ने कोरोना कर्फ्यू लगा रखा है, और इसे सफल बनाने के लिये ग्रामीण इलाकों से भी अच्छी तश्वीरें सामने आ रही है, कही गांव में बाहरी लोगों का आना जाना बैन कर दिया गया है तो कही जनता कर्फ्यू लगा दिया गया है, इसके उलट सागर जिले के राहतगढ़ व्लाक की एक पंचायत ने कोरोना कर्फ्यू का उलंघन करने बालो को सजा मुकर्रर कर दी है, गांव में बगेर माक्स पाये जाने पर पंचायत सजा जरूर देगी आइए जानते है क्या है ये सजा
ये है राहतगढ़ ब्लॉक की चौकी पंचायत, जहा पर अधिकांश गरीब आदिवासी तबके के लोग निवास करते है, इस पंचायत के सरपंच ने कोरोना कर्फ्यू का उत्लनघन करने बालो को एक अनोखी सजा देने का ऐलान किया है, पंचायत ने दो दिन पहले एक नियम बनाया है कि गांव में कोई भी ,अपने घर से बाहर बगेर माक्स लगाए नही निकलेगा जो भी बगेर माक्स लगाए मिलता है तो पंचायत उसे सजा देगी, सजा में उस शख्स को एक माक्स दिया जाएगा और साथ मे दिए जाएंगे पांच पौधे, इस पौधों को सजा पाने बाला सख्स अपने घर जमीन पर लगाएगा और एक साल तक उनकी देख रेख करेगा, इसके लिये बाकयदा एक निगरानी समिति बनाई गई है जो गांव में बगेर माक्स घूम रहे लोगो को चिन्हित करेगी, वही लोगो को सजा के तौर पर देने के लिये करीब चार सौ पौधे एडवांस में खरीदकर रख लिये गए है, साथ ही पंचायत सचिव ने बताया कि पौधे लगाए गए है या नही उनकी देख रेख हो रही है या नही ये देखने का काम मेरा और आपदा प्रवंधन समिति का रहेगा, अभी तक पांच लोगों को यह सजा दी जा चुकी है
वही इस अनोखी सजा को पाने बालो का कहना है कि हम बगेर मास्क लगाए घूम रहे थे इसलिये पंचायत ने सजा के तौर पर हमें ये पांच पौधे दिये है, जिनको हम ना सिर्फ लगाएंगे इनकी देखभाल भी करेंगे,,, अभी तक आपने देश प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू को सफल बनाने के कई रंग देखे होंगे, मगर चौकी पंचायत की यह अनोखी सजा वास्तव में निराली है, इसमे फायदा ही फायदा है लोग माक्स भी लगाएंगे जो कोरोना की चेन तोड़ने में कारगर होगा, और सजा के तौर पर मिले पौधे,भविष्य में पेड़ वनकर हमे ऑक्सिजन देंगे, पर्यावरण को संतुलित करने में भी मददगार होंगे, इसे कहते है एक पंथ दो काज
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