रायसेन- कांस्टेबल की सूझबूझ से टली ठगी:कांस्टेबल को कॉल करने वाला बोला - ASP बोल रहा हूं, पास के पेट्रोल पंप पर जाकर पंप संचालक से बात कराओ, खाते में 40 हजार डलवा दो


कांस्टेबल की सूझबूझ से टली ठगी:कांस्टेबल को कॉल करने वाला बोला - ASP बोल रहा हूं, पास के पेट्रोल पंप पर जाकर पंप संचालक से बात कराओ, खाते में 40 हजार डलवा दो

रायसेन एडिशनल एसपी अमृत मीणा। - Dainik Bhaskar

रायसेन एडिशनल एसपी अमृत मीणा।

Editor in Chief Abhishek Malviya
रायसेन के सलामतपुर में सोमवार को साइबर ठगी एक कांस्टेबल की सतर्कता से टल गई। रायसेन एडिशनल एसपी के नाम से एक व्यक्ति ने थाने पर कॉल किया और कहा कि पास के पेट्रोल पंप संचालक से बात करवाओ। उसने संचालक से 40 हजार रुपए एप के जरिए ट्रांसफर करवाने को कहा। कांस्टेबल को शक हुआ तो उसने सरकारी नंबर पर कॉल करने को कहा। जिसके बाद ठगी करने की कोशिश कर रहे व्यक्ति ने फोन काट दिया।

यह है मामला
सलामतपुर थाने के हेड कांस्टेबल प्रशांत सिंह परमार के पास सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे मोबाइल नंबर 8503965183 से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा - रायसेन एडिशनल एसपी अमृत मीणा बोल रहा हूं। तुम्हारे नजदीक में कौन सा पेट्रोल पंप है, वहां पहुंचो। प्रशांत ने कांस्टेबल शशांक दीक्षित को पेट्रोल पंप पर भेजते हुए कहा - इस नंबर पर बात करवा देना।

शशांक ने पेट्रोल पंप पहुंचकर उक्त नंबर पर कॉल किया तो उधर से कहा गया कि पेट्रोल पंप संचालक से बात कराओ और 40 हजार रुपए ऐप के जरिए ट्रांसफर करवा दो। इस पर कांस्टेबल को शक हुआ, उसने कहा कि आपकी आवाज हमारे एडिशनल एसपी से मैच नहीं हो रही है। मैं आपके सरकारी नंबर पर फोन करता हूं। तो सामने वाले ने मना करते हुए कहा कि इसी नंबर पर बात कर लो और फोन काट दिया।

एडिशनल एसपी ने जिले के पुलिसकर्मियों को किया सतर्क
फ्रॉड के मामले की जानकारी सामने आते ही रायसेन जिले के एडिशनल एसपी अमृत मीणा ने जिले के सभी थानों में मैसेज के माध्यम से पुलिसकर्मियों को सतर्क किया। ठगी करने वाले का मोबाइल नंबर 8503965183 भी मैसेज के माध्यम से थानों में उपलब्ध कराया है। इस नंबर पर किसी भी प्रकार की राशि ट्रांसफर नहीं करने की हिदायत दी है।

थाना प्रभारी सलामतपुर देवेंद्र पाल सिंह ने सोमवार सुबह थाने के हेड कांस्टेबल प्रशांत सिंह परमार के पास रायसेन एडिशनल एसपी अमृत मीणा के नाम से फर्जी फोन आया था। जिसमें नजदीकी पेट्रोल पंप पर जाकर ऐप के जरिए ट्रांसफर करवाने को कहा था। शशांक की सूझबूझ व समझदारी के चलते फ्रॉड होने से बच गया

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