इस साल मई में दिल्ली की वायु गुणवत्ता सबसे खराब श्रेणी में पहुंची


नई दिल्ली । पिछले तीन साल में इस साल मई के दौरान दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब की श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। विशेषज्ञों ने महीने के शुरुआती 15 दिनों के दौरान कम वर्षा को वायु गुणवत्ता के खराब होने का कारण बताया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, एक मई से 20 मई के बीच दिल्ली में केवल 1.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। दिल्ली में इस साल मई में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 212 रहा जोकि वर्ष 2021 में 144 जबकि 2020 में 143 दर्ज किया गया था। शहर में इस साल वायु गुणवत्ता 21 दिन खराब की श्रेणी में दर्ज की गई जो कि 2021 में तीन दिन जबकि 2020 में केवल दो दिन इस श्रेणी में रही थी। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 और 100 को संतोषजनक, 101 और 200 को मध्यम, 201 और 300 को खराब, 301 और 400 के बीच एक्यूआई को बहुत खराब और 401 और 500 के बीच एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।
गौरतलब है ‎कि दिल्ली में सोमवार को आई भीषण आंधी और बारिश में लुटियन इलाके के 77 पेड़ गिर गए। इनमें से कुछ पेड़ दशकों पुराने थे। पेड़ों की 58 बड़ी शाखाएं भी गिर पड़ीं। परिषद के बागबानी विभाग को आशंका है कि सोमवार को गिरे पेड़ों में वे वृक्ष भी शामिल हो सकते हैं, जिन्हें एनडीएमसी ने विरासत पेड़ का दर्जा दिया है। हालांकि टीम ने अबतक अपनी क्षति आकलन रिपोर्ट को पूरा नहीं किया है। आम तौर पर 80 साल पुराने पेड़ को विरासत पेड़ का दर्जा दिया जाता है। एनडीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा ‎कि कल शाम भीषण तूफान के दौरान कुल 77 पेड़ गिर गए, जबकि 58 बड़ी शाखाएं गिर गईं, जिससे एनडीएमसी क्षेत्रों में कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं। सभी सड़कों को साफ कर दिया गया है। गिरे पेड़ों में नीम के सात, पीपल के छह, जामुन के पांच, अर्जुन के चार और सीमल, पिलखान और बरगद के दो-दो वृक्ष शामिल हैं। इसके अलावा अन्य प्रजातियों के पेड़ भी गिरे हैं।





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