सांची गंदगी की जकड़न में समा हैं तो मच्छरों का बढ़ रहा प्रकोप गंभीर बीमारी फैलने का खड़ा हुआ खतरा 

रिपोर्ट,,,,, अरुण कुमार शेंडे 
रायसेन ऐतिहासिक नगरी सांची वैसे तो इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विश्व ख्याति प्राप्त है परन्तु इस स्थल की व्यवस्था सम्हालने वालों को न तो इस स्थल की सुध लेने की फुर्सत मिल पा रही है न ही इस स्थल पर व्यवस्था सुचारू बनाने की दिशा में ही क़दम उठाए जा रहे हैं जिससे देश में तो इस स्थल की छवि पर प्रभाव पड़ ही रहा है विदेशों में भी इसकी छवि बिगड़ने से जिम्मेदारों को कोई असर होता दिखाई नहीं दे रहा है जिससे इस स्थल पर मच्छरों का लगातार प्रकोप बढ़ने से गंभीर बीमारी फैलने का खतरा मंडराता नजर आने लगा है
जानकारी के अनुसार इस विश्व विख्यात पर्यटक स्थल की पहचान विश्व में एक ऐतिहासिक स्थल के रूप में विख्यात है तथा इस स्थल को विकास का जामा पहनाने तथा स्वच्छ सुंदर बनाने के लिए सरकारों ने करोड़ों अरबों रुपए आवंटित कर दिए तथा इस स्थल का कायाकल्प बदलने की जिम्मेदारी के लिए नगर परिषद को अस्तित्व में लाया गया था तथा पर्यटन विभाग को भी भागीदारी सौंपी गई विकास के नाम पर लाखों करोड़ों रुपए खर्च किए जा चुके हैं परन्तु कहीं कोई विकास दिखाई नहीं दे सका इस स्थल पर न तो पानी निकासी व्यवस्था ही सुचारू बन सकी जिससे सड़कों पर बहने वाले पानी को रोका जा सके तथा जल बचाओ के नारे को भी पलीता लगा दिया गया वार्ड नं 15 -14-5-13 सहित अन्य वार्ड के लोगों को झेलना पड़ रही है जहां सड़क नालियों के साथ ही गंदगी ने अपनी जकड़ में ले लिया है जिससे लोगों को गंभीर बीमारी फैलने का अंदेशा बढ़ गया है तथा लोग बीमारी से जूझ भी रहे हैं जबकि स्वच्छता अभियान बड़े जोर शोर से चलाया गया था तब इस पर लाखों करोड़ों खर्च भी हो चुके बावजूद इसके गंदगी को दूर नहीं किया जा सका तथा सरकारी राशि को पलीता लगता रहा तथा जिम्मेदार अपनी राजनीतिक रसूख का फायदा उठाते रहे लोग इसका खामियाजा भुगतते रहे इस स्थल को इस स्थल की ऐतिहासिकता के अनूरूप ढालने सुंदर बनाने के लिए सरकारों ने पर्यटन विभाग को जिम्मा सौंपा परन्तु पर्यटन विभाग भी इसके अनुरूप नगर को ढालने में विफल रहा है जबकि सुंदरता के नाम पर लाखों करोड़ों फूंक दिए गए बावजूद इसके नगर सुंदरता का जामा नहीं पहन सका नगर में अरबों रुपए की सरकारी सरकारी भूमि रसूखदार के रसूख के चलते बलि चढ़ गई तथा जिम्मेदार मूकदर्शक तमाशबीन इस सरकारी संपत्ति को बचाने के प्रयास नहीं कर सके जिससे नगर में समस्या और बढ़ गई तथा इस स्थल की सरकारी भूमि पर भूमाफिया कब्जा करने में सफल हो गए नगर में व्यापार पूरी तरह चौपट होने से छोटे मोटे व्यापारियों को समस्या से जूझना पड़ रहा है इस स्थल की जनता ने विकास का सपना संजोया तथा विश्वास जताया जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं किया जा सका जिससे विकास के सपने अधूरे रह गये बहरहाल जो भी हो इस विश्व विख्यात पर्यटक स्थल की छवि लाखों करोड़ों अरबों रुपए खर्च करने के बाद भी इस स्थल की ऐतिहासिकता के अनूरूप न तो सुंदरता न ही स्वच्छता न ही विकास का जामा पहनाया जा सका जबकि सरकारों की तरफ से लाखों करोड़ों रुपए की राशि आवंटित की गई बावजूद इसके इस स्थल के हालात बद से बद्तर बने हुए दिखाई देते हैं जिससे इस स्थल की छवि को देश एवं विदेश में दाग दार किया जा रहा है 

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