गुरु विश्वामित्र ने राम लक्ष्मण को एकांत में ले जाकर विद्या सिखाई फिर किया ताड़का का वध 

रिपोर्ट ,,,,, अरूण कुमार शेंडे 
रायसेन श्री रामलीला महोत्सव के चलते बुधवार को रामलीला मैदान में मंच एवं मैदानी श्री रामलीला का मंचन स्थानीय कलाकारों द्वारा किया गया प्रस्तुत की गई लीला के अनुसार राजा दशरथ अपने परिवार एवं गुरु वशिष्ट के साथ बैठे होते हैं उधर दूसरी तरफ अयोध्या के राजा दशरथ के घर राम लक्ष्मण और भरत शत्रुघ्न के जन्म लेने की खबर मिलते ही गुरु विश्वामित्र राजा दशरथ के पास इन बालकों को मांगने के लिए उनके यहां पहुंचते हैं और राजा दशरथ से चार पुत्रों में से राम और लक्ष्मण को धनुषधर विद्या सीखने एवं इस पृथ्वी पर हो रहे अत्याचारों को कम करने तथा निशाचरो का विनाश करने के उद्देश्य से मांग रखते हैं, जिस पर राजा दशरथ दुखित होकर गुरु विश्वामित्र से कहते हैं कि हे गुरुदेव वैसे ही तो मुझे बुढ़ापे में इन पुत्रों की प्राप्ति हुई है और आप मुझे इनको मांग कर ले जा रहे हैं मैं तो यहां उनके बगैर अनाथ सा हो जाऊंगा परंतु वहां मौजूद गुरु वशिष्ठ राजा दशरथ जी को समझाते हुए कहते हैं कि हे राजन आप तनिक भी चिंता मत करो गुरु विश्वामित्र का आपके यहां आगमन हुआ है और वह राम लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने के लिए कह रहे हैं इसमें कुछ अच्छा ही होगा इस प्रकार से राजा दशरथ गुरु वशिष्ट जी का कहना मानकर राम और लक्ष्मण को गुरु विश्वामित्र के साथ भेज देते हैं इधर गुरु विश्वामित्र राम और लक्ष्मण का हाथ थामते हुए और पृथ्वी पर निशाचरो का विनाश करने के लिए निकलते हैं और उन्हें धनुषधर विद्या सीखते हैं ताकि युद्ध के समय कोई उन्हें परास्त न कर सके इस प्रकार से गुरु विश्वामित्र यज्ञ हवन करते हैं तो वहां निशाचर आ जाते हैं इसी दौरान ताड़का नमक राक्षसी भी वहां आती है तो गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से राम लक्ष्मण जिन्होंने धनुषधर विद्या सीखी है उसी का उपयोग करते हुए ताड़का का वध कर देते हैं इस प्रकार से रामलीला मैदान में ताड़का वध की लीला की आकर्षक प्रस्तुति का मंचन किया गया

रामलीला में गुरुवार को होगा धनुष यज्ञ सीता स्वयंवर की आकर्षक लीला का मंचन
श्री रामलीला मेला आयोजन समिति के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार को धनुष यज्ञ एवं सीता स्वयंवर नामक प्रसंग की आकर्षक प्रस्तुति का मैदानी मंचन रामलीला मैदान में किया जाएगा इस दौरान राजा जनक सीता स्वयंवर का आयोजन करेंगे जिसमें देश देश के बड़े योद्धा राजा महाराजा भाग लेंगे जिसमें प्रमुख रूप से लंका पति रावण भी अपना बल आजमाने के लिए जनकपुर पहुंचेंगे इस समय की लीला का मंचन कलाकारों द्वारा आकर्षक ढंग से किया जाएगा ओके प्रसंग की लीला का मंचन देखने योग्य रहेगा मेला समिति के समस्त पदाधिकारियो ने सभी सनातन धर्म प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रामलीला देखने एवं धर्म का लाभ उठाने की अपील की है

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