पांच पीढ़ियों से क़स्बा सांचेत में भदौरिया परिवार एक साथ रह रहा है

पांच पीढ़ियों से क़स्बा सांचेत में भदौरिया परिवार एक साथ रह रहा है
Editor in Chief Abhishek Malviya 
पांच पीढ़ियों से जागरूक संयुक्त परिवार एक सांथ रह रहा है मिलजुल इस परिवार में आज तक आपस में ना तो झगड़ा हुआ है और अपनी नई पीढ़ी को भी यही शिखाया जा रहा है इस परिवार से सीखने को बहुत कुछ मिलता है ऐसे परिवार देखने को बहुत ही कम मिलेंगे. रायसेन जिले के कस्बा सांचेत में एक परिवार पांच पीढ़ियों से संयुक्त रूप से रह रहे हैं। कोरोना संक्रमण काल में भी इन परिवारों का भोजन एक साथ बनता रहा है। कोरोना भी इन परिवारों को अलग-अलग नहीं कर सका। एक साथ रहने, भोजन बनाने के बाद भी यहां किसी भी सदस्य को कोरोना संक्रमण छू नहीं सका है। सभी सदस्य संक्रमण से बचाव के लिए कोविड गाइड लाइन का पालन जरूर करते थे ।
सांचेत में भदौरिया परिवार में हैं 25 सदस्य है 
जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर कस्बा सांचेत में से स्व. पन्नाालाल भदौरिया का संयुक्त परिवार एक साथ रह रहा है। इस परिवार में वर्तमान में 25 सदस्य एक ही परिसर में निवास करते हैं। तीसरी पीढ़ी के मुखिया भगवान सिंह भदौरिया व श्रीमती सरस्वती बाई ने बताया कि सात पीढ़ियों से उनका परिवार संयुक्त रूप से रह रहा है। दूसरी पीढ़ी के सदस्य अमरसिंह पूर्व जनपद सदस्य हैं, भारत सिंह कृषि करते हैं तथा जसवंत बिजली कंपनी में लाइनमैन हैं। तीसरी पीढ़ी के शिवम इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं। अन्य सदस्य कृषि तथा अन्य कार्य करते हैं। पूरे परिवार का भोजन एक साथ बनता है। एक समय में पांच किलो आटा व दो किलो सब्जी खर्च होती है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी सदस्य पूरी तरह से गाइड लाइन का पालन करते रहे हैं। अमरसिंह ने बताया कि जब भी कोई घर से बाहर जाता है तो मास्क लगाते हैं, सैनिटाइजर का उपयोग करते हैं। वापस आने पर स्नान करते हैं। शारीरिक दूरी का भी ध्यान रखा जाता है। अभी तक किसी भी सदस्य को कोरोना संक्रमण छू भी नहीं सका है।इस परिवार के सभी भाइयों में बड़े अमर सिंह भदौरिया ने वताया की जिंदगी जीने में जो अच्छे आनंद की अनुभूति होती है जो परिवार एक सांथ रहता है उस से पूछो बही समझ सकता है
साथ सभी परिवार बालों को अमर सिंह भदौरिया यह सन्देश नवदुनिया के माध्यम से देना चाहते है अगर जो भी परिबार संयुक्त नहीं है और अगर रहना भी नहीं चाहते है तो इस वात का जरूर ध्यान दें बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ गौ माता की रक्षा करो गौ माता की सेवा करो पर्यावरण की रक्षा करो और वृक्ष लगाओ और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दो.
मंजले भाई भारत सिंह भदौरिया का कहना है हमें जो मिलकर रहने में जो आनंद आता है बो आनंद और कही नहीं. सबके लाडले जसवंत सिंह भदौरिया का कहना है हमें हमारे पिताजी ने बो सब दिया आज हम सब भाई पड़े लिखें उन्होंने हमारी पढ़ाई में जी जान से हमारी मदद की और आज हम अपने अपने पैरो पर खड़े है.
यह परिबार एक शिक्षित परिवार है और नई पीढ़ी में सबसे ज्यादा पढ़ाई पर विषेस जोर दिया जाता है.

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